75 Annual Nirankari Samagam
BREAKING
शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार, राहुल-प्रियंका की हिरासत का किया विरोध राहुल गांधी और प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का हमला, कुलदीप राठौर बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, कांगड़ा के शाहपुर में छह मकान बहे, कई परिवारों ने भागकर बचाई जान कश्मीर में लगातार बारिश से बिगड़े हालात, सुखनाग नदी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने मुरथल शक्ति केंद्र पर कार्यकर्ताओं के साथ किया सहभोज, सरल पोर्टल, बूथ सशक्तिकरण पर दिया जोर

विविधता में एकता का आलौकिक स्वरूप -75वां वार्षिक निरंकारी संत समागम

75 Annual Nirankari Samagam

75 Annual Nirankari Samagam

75 Annual Nirankari Samagam- समदृष्टि के भाव को दर्शाते हुए 75वें वार्षिक निरंकारी संत समागम दिनांक 16 से 20 नवम्बर तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा ग्राउंड (हरियाणा) में आयोजित होने जा रहा है। इस दिव्य संत समागम का उद्देश्य मानवता एंव भाईचारे की भावना को दृ़ढ़ता प्रदान करना तथा ‘रूहानियत में इंसानियत’ के महत्व को दर्शाना है जो केवल ब्रह्मानुभूति से जुड़कर ही संभव है। यह जानकारी श्रीमति राजकुमारी मैम्बर इंचार्ज प्रेस एवं पब्लिसिटी विभाग ने दी।

उन्होने आगे कहा कि इस संत समागम की तैयारिया लगभग सम्पन्नता की ओर है। 75वां वार्षिक निरंकारी संत समागम स्वंय में ऐतिहासिक एंव अनूठा है क्योंकि इन दिव्य संत समागमों की अविरल श्रृंखलाओं ने सफलतापूर्वक अपने 74 वर्ष सम्पन्न कर लिये है। 

इस समय में सभी श्रद्धालु भक्त अपने पारिवारिक दायित्वों को निभाते हुए संत समागम सेवाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सत्गुरु माता जी भी समागम स्थल की संपूर्ण गतिविधियों का अवलोकन कर रहे हैं और उनके पावन दर्शनों की प्राप्ति कर सभी भक्तजन स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। अपने सत्गुरु के दिव्य दर्शनों की प्राप्ति से भक्तों में भी सेवा का और अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है। आध्यात्म के इस आलौकिक स्वरूप को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो जैसे समागम सेवाओं में सम्मिलित होने वाला प्रत्येक भक्त दिव्यता के वातावरण में प्रतिपल भक्तिमय हो रहा हो। 

इस वर्ष के 75वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में भारत एंव दूर देशों से अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होंगे। समागम स्थल पर सत्संग पंडाल के अतिरिक्त रिहायशी टेंट भी लगाए जा रहे हैं जहाँ बाहर से आने वाले श्रद्धालु भक्तों के लिए ठहरने तथा लंगर इत्यादि की उचित व्यवस्था होगी। साथ ही अलग-अलग मैदानों में कुछ कैन्टीनों की भी सुविधाएं दी जायेंगी जिसमें जलपान इत्यादि वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त मैंदानों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही पार्किग, सुरक्षा इत्यादि की भी उचित व्यस्था की जा रही है ताकि आने वाले सभी भक्तों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। सत्संग पंडाल के आसपास संत निरंकारी मण्डल के विभिन्न विभाग, समाज कल्याण विभाग इत्यादि के कार्यालय भी होंगे। प्रकाशन विभाग की ओर से अगल-अलग स्थानों पर स्टॉल लगाए जायेंगे। इसके अतिरिक्त मिशन के इतिहास एंव सम्पूर्ण समागम के स्वरूप को निरंकारी प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण के रूप में दर्शाया जायेगा।

इस दिव्य संत समागम में सम्मिलित होने वाले भक्तों के लिए भारतीय रेलवे द्वारा आध्यात्मिक स्थल समालखा के निकट भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर लगभग सभी ट्रेनों के रूकने की अनुमति दी गयी है। इस सुविधा से रेलयात्रा करने वाले भक्तगण लाभान्वित हो सकेंगे।